➤ सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू, कैजुअल कपड़ों पर रोक
➤ पुरुषों के लिए शर्ट-पैंट और महिलाओं के लिए साड़ी या सूट अनिवार्य
➤ सोशल मीडिया पर भी सख्ती, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और पेशेवर छवि बनाए रखने के उद्देश्य से कर्मचारियों के लिए सख्त ड्रेस कोड और सोशल मीडिया गाइडलाइन जारी कर दी हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि कार्यालय में कर्मचारियों की वेशभूषा साफ-सुथरी, सादगीपूर्ण और औपचारिक होनी चाहिए।
नए निर्देशों के अनुसार अब सरकारी कर्मचारी जींस, टी-शर्ट और किसी भी प्रकार के कैजुअल या पार्टी वियर पहनकर कार्यालय नहीं आ सकेंगे। पुरुष कर्मचारियों के लिए शर्ट-पैंट, ट्राउजर जैसे फॉर्मल कपड़े अनिवार्य किए गए हैं, जबकि महिला कर्मचारियों को साड़ी, सूट-सलवार-कमीज या अन्य औपचारिक परिधान पहनने होंगे।

सरकार का मानना है कि इससे कार्यस्थल पर गरिमा, अनुशासन और पेशेवर माहौल को मजबूती मिलेगी। आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ड्रेस कोड का पालन न करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्ड-निगमों को भेजे गए हैं, ताकि इनका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इसके साथ ही सरकार ने कर्मचारियों के सोशल मीडिया व्यवहार को लेकर भी कड़े नियम लागू किए हैं। कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि वे सरकारी नीतियों पर सार्वजनिक मंचों पर निजी टिप्पणी न करें और किसी भी प्रकार की राजनीतिक या धार्मिक बयानबाजी से दूर रहें। बिना अनुमति किसी सरकारी दस्तावेज या जानकारी को साझा करने पर भी रोक लगाई गई है।
सरकार ने यह भी कहा है कि कर्मचारी ऐसी कोई पोस्ट या बयान न दें, जिससे सरकार या संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचे।
इन सभी निर्देशों का आधार केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 हैं, जिनके तहत सरकारी कर्मचारियों के आचरण और अभिव्यक्ति को नियंत्रित किया जाता है।



